RSS Prarthana | नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे (आरएसएस संघ प्रार्थना)

RSS Prarthana in Hindi

RSS Prarthana : यहाँ इस लेख में आरएसएस संघ की प्रार्थना हिंदी अर्थ सहित उपलब्ध कराएँ है इसका पूरा नाम “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” (Rashtriya Swayamsevak Sangh) आरएसएस है। यह एक हिंदू स्वयंसेवी संस्था है जिसका मुख्यालय भारत में है। राष्ट्रीयता, सांस्कृतिक सेवा और स्वयंसेवा का प्रचार आरएसएस का मुख्य उद्देश्य है।

RSS की स्थापना 27 सितंबर 1925 को नागपुर, महाराष्ट्र, भारत में डॉ. केशव बलिराम हेगवँगर ने की, जिन्हें “लोकमान्य टिळक” भी कहा जाता था। यह संस्था भारतीय धर्म और संस्कृति को बढ़ावा देती है और देश भर में स्वयंसेवकों को सामाजिक सेवा और स्वयंसेवा में सक्रिय भागीदार बनाती है।

आरएसएस के सदस्यों को “शाखा” कहा जाता है और वे “स्वयंसेवक” कहलाते हैं। परिवारिक बैठकों, दैनिक शाखा सभाओं और समूह गतिविधियों के माध्यम से शाखाएं संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करती हैं।

कुछ लोग आरएसएस को हिंदू और भारतीय राष्ट्रवाद का प्रतिनिधित्व मानते हैं। यह संगठन एक राजनीतिक दल नहीं है, लेकिन यह भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और कई संबद्ध संगठनों से जुड़ा हुआ है। विभिन्न समूहों ने इसकी विचारधारा, क्रियाकलाप और संगठनीय ढांचा को समीक्षित और विख्यात किया है, इसलिए यह एक विवादास्पद संगठन भी है।

आरएसएस संघ की प्रार्थना पहली बार फरवरी 1939 में सिन्दी, नागपुर के पास एक बैठक में बनाई गई थी. यह आधी मराठी और आधी हिन्दी में था, लेकिन बाद में देश के कई भाषाओं में अनुवाद किया गया हमने RSS Prarthana हिंदी, इंग्लिश, बंगाली, हिन्लिश लिरिक्स आदि में प्रस्तुत किये है।

RSS Prarthana in Hindi

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोहम्।
महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे
पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते॥ १॥

प्रभो शक्तिमन् हिन्दुराष्ट्राङ्गभूता
इमे सादरं त्वां नमामो वयम्
त्वदीयाय कार्याय बध्दा कटीयम्
शुभामाशिषं देहि तत्पूर्तये।

अजय्यां च विश्वस्य देहीश शक्तिं
सुशीलं जगद्येन नम्रं भवेत्
श्रुतं चैव यत्कण्टकाकीर्ण मार्गं
स्वयं स्वीकृतं नः सुगं कारयेत्॥ २॥

समुत्कर्षनिःश्रेयस्यैकमुग्रं
परं साधनं नाम वीरव्रतम्
तदन्तः स्फुरत्वक्षया ध्येयनिष्ठा
हृदन्तः प्रजागर्तु तीव्रानिशम्।

विजेत्री च नः संहता कार्यशक्तिर्
विधायास्य धर्मस्य संरक्षणम्।
परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रं
समर्था भवत्वाशिषा ते भृशम्॥ ३॥

॥ भारत माता की जय ॥

RSS Prayer Sanskrit to Hindi – संस्कृत से हिंदी में अर्थ

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे,
त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम्।

अर्थात् – हे वात्सल्यमयी मातृभूमि, तुम्हें सदा प्रणाम! इस मातृभूमि ने हमें अपने बच्चों की तरह स्नेह और ममता दी है।

महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे,
पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते॥ १॥

अर्थात् – हे महामंगलमयी पुण्यभूमि! इस हिन्दू भूमि पर सुखपूर्वक मैं बड़ा हुआ हूँ। यह भूमि महा मंगलमय और पुण्यभूमि है। इस भूमि की रक्षा के लिए मैं यह नश्वर शरीर मातृभूमि को अर्पण करते हुए इस भूमि को बार-बार प्रणाम करता हूँ।

प्रभो शक्तिमन् हिन्दुराष्ट्राङ्गभूता,
इमे सादरं त्वाम नमामो वयम्
त्वदीयाय कार्याय बध्दा कटीयं,
शुभामाशिषम देहि तत्पूर्तये।

अर्थात्- हे सर्व शक्तिमान परमेश्वर, इस हिन्दू राष्ट्र के घटक के रूप में मैं तुमको सादर प्रणाम करता हूँ। आपके ही कार्य के लिए हम कटिबद्ध हुवे है। हमें इस कार्य को पूरा करने किये आशीर्वाद दे।

अजय्यां च विश्वस्य देहीश शक्तिम,
सुशीलं जगद्येन नम्रं भवेत्,
श्रुतं चैव यत्कण्टकाकीर्ण मार्गं,
स्वयं स्वीकृतं नः सुगं कारयेत्॥ २॥

अर्थात् – हमें ऐसी अजेय शक्ति दीजिये कि सारे विश्व मे हमे कोई न जीत सकें और ऐसी नम्रता दें कि पूरा विश्व हमारी विनयशीलता के सामने नतमस्तक हो। यह रास्ता काटों से भरा है, इस कार्य को हमने स्वयँ स्वीकार किया है और इसे सुगम कर काँटों रहित करेंगे।

समुत्कर्षनिःश्रेयसस्यैकमुग्रं,
परं साधनं नाम वीरव्रतम्
तदन्तः स्फुरत्वक्षया ध्येयनिष्ठा,
हृदन्तः प्रजागर्तु तीव्राऽनिशम्।

अर्थात् – ऐसा उच्च आध्यात्मिक सुख और ऐसी महान ऐहिक समृद्धि को प्राप्त करने का एकमात्र श्रेष्ट साधन उग्र वीरव्रत की भावना हमारे अन्दर सदेव जलती रहे। तीव्र और अखंड ध्येय निष्ठा की भावना हमारे अंतःकरण में जलती रहे।

विजेत्री च नः संहता कार्यशक्तिर्,
विधायास्य धर्मस्य संरक्षणम्।
परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रं,
समर्था भवत्वाशिषा ते भृशम्॥ ३॥
॥ भारत माता की जय॥

अर्थात् – आपकी असीम कृपा से हमारी यह विजयशालिनी संघठित कार्यशक्ति हमारे धर्म का सरंक्षण कर इस राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाने में समर्थ हो।
॥ भारत माता की जय॥

RSS Prarthana in Hindi

हे वात्सल्यमयी मातृभूमि, तुम्हें सदा प्रणाम! इस मातृभूमि ने हमें अपने बच्चों की तरह स्नेह और ममता दी है।

हे महामंगलमयी पुण्यभूमि! इस हिन्दू भूमि पर सुखपूर्वक मैं बड़ा हुआ हूँ। यह भूमि महा मंगलमय और पुण्यभूमि है। इस भूमि की रक्षा के लिए,मैं यह नश्वर शरीर मातृभूमि को अर्पण करते हुए, इस भूमि को बार-बार प्रणाम करता हूँ।

हमें ऐसी अजेय शक्ति दीजिये कि सारे विश्व मे हमे कोई न जीत सकें और ऐसी नम्रता दें कि पूरा विश्व हमारी विनयशीलता के सामने नतमस्तक हो। यह रास्ता काटों से भरा है, इस कार्य को हमने स्वयँ स्वीकार किया है और इसे सुगम कर काँटों रहित करेंगे।

ऐसा उच्च आध्यात्मिक सुख और ऐसी महान ऐहिक समृद्धि को प्राप्त करने का एकमात्र श्रेष्ट साधन उग्र वीरव्रत की भावना हमारे अन्दर सदेव जलती रहे। तीव्र और अखंड ध्येय निष्ठा की भावना हमारे अंतःकरण में जलती रहे।

आपकी असीम कृपा से हमारी यह विजयशालिनी संघठित कार्यशक्ति हमारे धर्म का सरंक्षण कर इस राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाने में समर्थ हो।
॥ भारत माता की जय॥

Namaste Sada Vatsale Lyrics

Namaste Sada Vatsale Maatribhoome
Twaya Hindubhume Shukham Vardhitoham
Mahamangale Purnyabhume Twadarthe
Patatwesha Kayo Namaste Namaste ||1||

Prabhu Shaktiman Hinduraashtraangbhoota
Ime Saadaran Tvan Namaamo Vayam
Twadiyaaya Karyaaya Baddha Katiyam
Shubhamashisham Dehi Tatpurtaye |

Ajayam Cha Vishwasya Dehisha Shaktim
Sushilan Jagad yen Namram Bhavet
Shrutam Chaiva Yat Kantakakirnamargam
Swayam Swikritan Nah Sugam Karyayet ||2||

Shamutkarshanihshreyasasaikamugram
Param Sadhanam Naam Veeravratam
Tadantahsphuratwakshya Dheyanishtha
Hridantah Prajagartu Teevrahnisham |

Vijetree Cha Nah Sanhata Karyashaktir
Vidhayasya Dharmasya Sanrakshanam
Param Vaibhavan Netumetat Swarashtram
Samartha bhavtwashisha Te Bhrisham ||3||

|| Bharata Mata Ki Jai ||

RSS Prarthana in Bengali – আরএসএস প্রার্থনা

নমস্তে সদা বাত্সলে মাতৃভূমে
তৈয়া হিন্দুভূমে সুখং বার্ধিতহাম
মহামঙ্গলে পুণ্যভূমে ত্দর্থে
পতাতেয়ে স্কয় নমস্তে নমস্তে

প্রভো শক্তিমন্‌ হিন্দুরাষ্ট্রাঙ্গভূতা
ইমে সাদরং ত্঵াং নমামো ঵যম্
ত্঵দীযায কার্যায বধ্দা কটীযং
শুভামাশিষং দেহি তত্পূর্তযে
অজয্যাং চ ঵িশ্঵স্য দেহীশ শক্তিং
সুশীলং জগদ্যেন নম্রং ভ঵েত্
শ্রুতং চৈ঵ যত্কণ্টকাকীর্ণ মার্গং
স্঵যং স্঵ীকৃতং নঃ সুগং কারযেত্

সমুত্কর্ষনিঃশ্রেযস্যৈকমুগ্রং
পরং সাধনং নাম ঵ীর঵্রতম্
তদন্তঃ স্ফুরত্঵ক্ষযা ধ্যেযনিষ্ঠা
হৃদন্তঃ প্রজাগর্তু তী঵্রানিশম্‌
঵িজেত্রী চ নঃ সংহতা কার্যশক্তির্
঵িধাযাস্য ধর্মস্য সংরক্ষণম্‌
পরং ঵ৈভ঵ং নেতুমেতত্‌ স্঵রাষ্ট্রং
সমর্থা ভ঵ত্঵াশিশা তে ভৃশম্
ভারত মাতা কী জয় I

RSS Prarthana in Telugu

ఎల్లప్పుడూ ఆప్యాయతతో కూడిన మాతృభూమి, మీకు ప్రణామాలు
హిందువుల దేశంలో మీరు నాకు ఆనందాన్ని తెచ్చారు
అత్యంత పవిత్రమైన మరియు పవిత్రమైన భూమిలో మీ కొరకు
ఈ దేహాన్ని పతనం చేయనివ్వండి, మీకు నా ప్రణామాలు.

ప్రభూ, పరాక్రమవంతుడా, హిందూ దేశంలో భాగమవ్వండి
వీటినే మేము మీకు గౌరవంగా నమస్కరిస్తున్నాము
నేను మీ పనితో ముడిపడి ఉన్నాను
అది నెరవేర్చడానికి నాకు మంచి వరం ఇవ్వండి.
మరియు విశ్వం యొక్క అజేయమైన శక్తి, శరీరానికి ప్రభువా
సత్ప్రవర్తనతో లోకాన్ని లొంగదీసుకోవాలి
మరి దారి నిండా ముళ్లే అని విన్నాను
దానిని స్వయంగా అంగీకరించి మనలను సంతోషపెట్టనివ్వండి.

పెరుగుదల మరియు పతనం యొక్క భయంకరమైన వాటిలో ఒకటి
మహోన్నతమైన అర్థం వీర ప్రతిజ్ఞ
దానిలోని శక్తివంతమైన చర్మం యొక్క క్షయం లక్ష్యానికి అంకితం చేయబడింది
ప్రతి రాత్రి హృదయాలను తీవ్రంగా మేల్కొలపండి.
మరియు విజేత మా సామూహిక వర్క్‌ఫోర్స్
చట్టం ద్వారా ఈ మతాన్ని పరిరక్షించడం.
ఈ దేశాన్ని తదుపరి కీర్తికి తీసుకెళ్లడానికి
మీ దీవెనలు సమృద్ధిగా చేయగలుగుతారు.

FAQ

Q : आरएसएस का फुल फॉर्म क्या है?

Ans : आरएसएस का पूरा नाम “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” होता हैI

Q : आरएसएस प्राथना के गायक कौन हैं?

Ans : हरमन नाजिम के अली

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